sem 6 unit 2 स्थायी आय परिकल्पना

**स्थायी आय परिकल्पना (Permanent Income Hypothesis - PIH)**

यह परिकल्पना **मिल्टन फ्रीडमैन** (Milton Friedman) द्वारा 1957 में अपनी पुस्तक **"A Theory of the Consumption Function"** में प्रस्तुत की गई थी। यह उपभोग फलन (Consumption Function) की व्याख्या करने वाली एक महत्वपूर्ण आधुनिक सिद्धांत है, जो **कीन्स** के पारंपरिक उपभोग सिद्धांत की कमियों को दूर करती है।

### मुख्य विचार
उपभोक्ता अपना **उपभोग (Consumption)** वर्तमान आय (Current Income) के आधार पर नहीं, बल्कि **स्थायी आय (Permanent Income)** के आधार पर निर्धारित करते हैं। स्थायी आय वह अनुमानित औसत आय है जो व्यक्ति अपने जीवनकाल में (या लंबी अवधि में) प्राप्त करने की अपेक्षा करता है।

फ्रीडमैन के अनुसार, व्यक्ति **उपभोग को सुचारू (Smooth)** रखना चाहते हैं। वे अस्थायी आय में उतार-चढ़ाव होने पर भी उपभोग में बड़े बदलाव नहीं करते, बल्कि बचत या उधार लेकर उपभोग को स्थिर रखते हैं।

### आय के दो भाग
वर्तमान मापी गई आय (Measured Income या Observed Income) को फ्रीडमैन दो भागों में विभाजित करते हैं:

1. **स्थायी आय (Permanent Income - Yp)**  
   - यह लंबी अवधि की अपेक्षित औसत आय है।  
   - इसमें शामिल: मानव पूंजी (Human Capital) से होने वाली श्रम आय (Labour Income) + गैर-मानव संपत्ति (Non-Human Wealth) से होने वाली आय (जैसे ब्याज, लाभांश, किराया)।  
   - यह व्यक्ति की शिक्षा, कौशल, व्यवसाय, संपत्ति आदि पर आधारित होती है।  
   - उपभोग मुख्य रूप से इसी पर निर्भर करता है।

2. **अस्थायी आय (Transitory Income - Yt)**  
   - यह अप्रत्याशित या अस्थायी आय है (जैसे बोनस, लॉटरी, अचानक नौकरी छूटना, फसल खराब होना आदि)।  
   - यह स्थायी आय से असंबंधित मानी जाती है।  
   - अस्थायी आय का अधिकांश भाग बचत में जाता है या ऋण चुकाने में, उपभोग में कम प्रभाव डालता है।

**समकरण रूप में**:  
Y = Yp + Yt  
(जहाँ Y = वर्तमान मापी गई आय)

### उपभोग का समीकरण
स्थायी उपभोग (Permanent Consumption - Cp) स्थायी आय का एक निश्चित अनुपात होता है:

**Cp = k × Yp**

- k = स्थायी उपभोग प्रवृत्ति (Marginal Propensity to Consume out of Permanent Income)  
- k आय के आकार पर निर्भर नहीं करता, लेकिन निम्न पर निर्भर करता है:  
  - ब्याज दर (i)  
  - संपत्ति का अनुपात (w = Non-human wealth / Income)  
  - उपभोक्ता की प्राथमिकताएँ (Uastes, जैसे परिवार का आकार, उम्र आदि)

### मुख्य निष्कर्ष
- **दीर्घकालिक उपभोग फलन (Long-run Consumption Function)**: सीधी रेखा जो मूल बिंदु से गुजरती है → APC (Average Propensity to Consume) = MPC (Marginal Propensity to Consume) = k (स्थिर रहता है)।
- **अल्पकालिक उपभोग फलन (Short-run Consumption Function)**: सपाट (Flatter) → MPC < APC, क्योंकि अस्थायी आय में बदलाव उपभोग को कम प्रभावित करता है।
- अस्थायी आय में वृद्धि → मुख्यतः बचत बढ़ती है, उपभोग कम बढ़ता है।
- स्थायी आय में वृद्धि → उपभोग पूर्ण रूप से समायोजित होता है (MPC ≈ 1 के करीब)।
- कर कटौती या अस्थायी प्रोत्साहन (Temporary Stimulus) का उपभोग पर कम प्रभाव पड़ता है, जबकि स्थायी आय बढ़ाने वाली नीतियाँ (जैसे स्थायी वेतन वृद्धि) अधिक प्रभावी होती हैं।

### कीन्स के सिद्धांत से अंतर
- कीन्स: उपभोग वर्तमान आय पर निर्भर, MPC < 1 लेकिन स्थिर, APC आय बढ़ने पर घटता है।
- फ्रीडमैन: उपभोग स्थायी आय पर निर्भर, अल्पकाल में MPC कम, दीर्घकाल में MPC = APC (स्थिर)।

### जीवन-चक्र परिकल्पना (Life Cycle Hypothesis) से समानता
दोनों में उपभोग जीवनकाल की अपेक्षित आय पर आधारित होता है, लेकिन फ्रीडमैन में "स्थायी आय" पर जोर, जबकि Modigliani में जीवन चरणों (Saving in young age, Dissaving in old age) पर अधिक।

### MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. स्थायी आय परिकल्पना किसने प्रस्तुत की?  
   a) जॉन मेनार्ड कीन्स  
   b) मिल्टन फ्रीडमैन  
   c) फ्रैंको मॉडिग्लियानी  
   d) जेम्स ड्यूसेनबेरी  

2. स्थायी आय परिकल्पना के अनुसार उपभोग मुख्य रूप से किस पर निर्भर करता है?  
   a) वर्तमान मापी गई आय  
   b) अस्थायी आय  
   c) स्थायी आय (Permanent Income)  
   d) पिछले वर्ष की आय  

3. अस्थायी आय (Transitory Income) में वृद्धि होने पर उपभोग में क्या होता है?  
   a) बहुत अधिक वृद्धि  
   b) कम वृद्धि या कोई वृद्धि नहीं (मुख्यतः बचत बढ़ती है)  
   c) उपभोग घटता है  
   d) कोई प्रभाव नहीं  

4. दीर्घकालिक उपभोग फलन में APC और MPC का संबंध क्या है?  
   a) APC > MPC  
   b) APC < MPC  
   c) APC = MPC (स्थिर)  
   d) APC शून्य  

5. स्थायी उपभोग समीकरण Cp = k Yp में k किस पर निर्भर नहीं करता?  
   a) ब्याज दर  
   b) संपत्ति अनुपात  
   c) वर्तमान आय का आकार  
   d) उपभोक्ता की प्राथमिकताएँ  

**उत्तर**:  
1-b, 2-c, 3-b, 4-c, 5-c

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