Sem 3 M1 qp

 ### अर्थशास्त्र  

समय: तीन घंटे  

पूर्णांक: 80


परीक्षार्थियों के लिए निर्देश:  

1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।  

2. सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।  

3. मुख्य प्रश्नों के उप-प्रश्नों के उत्तर लिखते समय मुख्य प्रश्न एवं उप-प्रश्न का नंबर अवश्य लिखें।


### 1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो वर्णनात्मक प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (8×2=16)


a) मुद्रा की परिभाषाएँ एवं कार्यों की व्याख्या कीजिए। कैम्ब्रिज नकद शेष दृष्टिकोण (Cash Balance Approach) की विस्तार से चर्चा कीजिए।  

b) कीन्स की तरलता प्राथमिकता ब्याज सिद्धांत (Liquidity Preference Theory of Interest) समझाइए तथा निवेश फलन एवं पूंजी की सीमांत दक्षता (MEC) पर इसके प्रभाव की चर्चा कीजिए।  

c) वाणिज्यिक बैंक का अर्थ, विकास एवं कार्य समझाइए। बैंकिंग लाभप्रदता को प्रभावित करने वाले कारकों पर प्रकाश डालिए।  

d) ई-बैंकिंग की अवधारणा, आवश्यकता एवं क्षेत्र की व्याख्या कीजिए। इसके प्रमुख उत्पादों (क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, स्मार्ट कार्ड, मोबाइल बैंकिंग) पर चर्चा कीजिए।


### 2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो वर्णनात्मक प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (8×2=16)


a) मुद्रास्फीति एवं अपस्फीति के अर्थ, प्रकार एवं कारणों की चर्चा कीजिए। मुद्रास्फीति नियंत्रण के उपाय बताइए।  

b) कीन्सियन व्यवसाय चक्र सिद्धांत (Theory of Business Cycle) की व्याख्या कीजिए। बेरोजगारी के प्रकार एवं कारणों पर प्रकाश डालिए।  

c) केंद्रीय बैंक की परिभाषा, विशेषताएँ एवं महत्व समझाइए। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के उद्देश्यों एवं साधनों की चर्चा कीजिए।  

d) खुदरा बैंकिंग की विशेषताएँ, क्षेत्र, लाभ एवं हानियाँ समझाइए। भारत में खुदरा बैंकिंग की वृद्धि के कारण एवं चुनौतियाँ बताइए।


### 3. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए: (8×2=16)


a) फिशर एवं कैम्ब्रिज मुद्रा मात्रा सिद्धांतों में समानताएँ एवं अंतर स्पष्ट कीजिए।  

b) कीन्स के अनुसार उपभोग फलन के निर्धारक एवं गुणक (Multiplier) की अवधारणा समझाइए।  

c) वाणिज्यिक बैंकों द्वारा साख सृजन की प्रक्रिया एवं उसकी सीमाएँ बताइए।  

अथवा  

d) डिजिटल मुद्रा एवं भुगतान प्रणाली (ECS, NEFT, RTGS, UPI) की व्याख्या कीजिए।


### 4. निम्नलिखित प्रश्नों के लघु उत्तर दीजिए: (4×4=16)


a) मुद्रा के प्रमुख कार्य बताइए।  

b) कीन्सियन अर्थशास्त्र में पूर्ण रोजगार की अवधारणा समझाइए।  

c) वाणिज्यिक बैंकिंग के सुधारपूर्ण सिद्धांत क्या हैं?  

अथवा  

d) इंटरनेट बैंकिंग एवं वर्चुअल बैंकिंग में अंतर स्पष्ट कीजिए।  

अथवा  

e) मुद्रास्फीति के प्रभावों की संक्षिप्त चर्चा कीजिए।  

अथवा  

f) अपस्फीति नियंत्रण के उपाय बताइए।  

अथवा  

g) कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस की विशेषताएँ एवं महत्व समझाइए।  

अथवा  

h) खुदरा एवं थोक बैंकिंग में अंतर बताइए।


### 5. दिए गए चार विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए: (2×8=16)


a) कैम्ब्रिज समीकरण है:  

   (i) MV = PT  

   (ii) M = kPY  

   (iii) P = MV/T  

   (iv) Md = kY  


b) मुद्रास्फीति का मुख्य प्रभाव है:  

   (i) आय का पुनर्वितरण  

   (ii) उत्पादन में वृद्धि  

   (iii) बचत में वृद्धि  

   (iv) रोजगार में कमी  


c) कीन्स के अनुसार गुणक का मान निर्भर करता है:  

   (i) MPC पर  

   (ii) MPS पर  

   (iii) दोनों पर  

   (iv) इनमें से कोई नहीं  


d) पूर्ण रोजगार की स्थिति में बेरोजगारी होती है:  

   (i) अनैच्छिक  

   (ii) घर्षणी एवं संरचनात्मक  

   (iii) चक्रीय  

   (iv) कोई नहीं  


e) वाणिज्यिक बैंक की लाभप्रदता बढ़ाने का उपाय है:  

   (i) परिचालन दक्षता में वृद्धि  

   (ii) केवल जमा बढ़ाना  

   (iii) केवल ऋण बढ़ाना  

   (iv) कोई नहीं  


f) RBI का गुणात्मक साख नियंत्रण साधन है:  

   (i) CRR  

   (ii) बैंक दर  

   (iii) मार्जिन आवश्यकता  

   (iv) SLR  


g) खुदरा बैंकिंग में मुख्य ग्राहक होते हैं:  

   (i) बड़े उद्योग  

   (ii) व्यक्तिगत एवं छोटे व्यवसाय  

   (iii) सरकार  

   (iv) अन्य बैंक  


h) निम्नलिखित में से ई-वॉलेट का उदाहरण है:  

   (i) Paytm  

   (ii) Demand Draft  

   (iii) Cheque  

   (iv) Cash

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