ग्रामीण विकास के लिए एजेंसियाँ-सरकारी, अर्ध-सरकारी संगठन, सहकारी संस्थाएँ, गैर-सरकारी संगठन और विकास।

ग्रामीण वित्तीय संस्थाएँ:
ये संस्थाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान करती हैं. 
विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थाएँ:
ये संस्थाएँ ग्रामीण लोगों को कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करती हैं. 
स्वयं सहायता समूह (SHGs):
ये समूह ग्रामीण महिलाओं को संगठित करते हैं और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं. 
किसान क्लब:
ये क्लब किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों और जानकारी के साथ अपडेट रखते हैं. 
अनुसंधान संगठन:
ये संगठन ग्रामीण विकास से संबंधित मुद्दों पर शोध करते हैं और समाधान खोजने में मदद करते हैं. 

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