Mobile banking and internet banking sem 3 unit 1
CBS का क्या मतलब है? कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) एक बैंकिंग प्रणाली है जो ग्राहकों को किसी भी सदस्य शाखा से अपने धन और अन्य लेनदेन का उपयोग करने में मदद करती है, भले ही वह अपना खाता रखता हो।
भारत की कुछ लोकप्रिय ई–बैंकिंग सेवाएं
- इंटरनेट बैंकिंग: इसकी मदद से आप इंटरनेट के ज़रिए फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इंटरनेट बैंकिंग के ज़रिए आप किसी भी बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, अकाउंट बैलेंस चेक कर सकते हैं, बैंक स्टेटमेंट देख सकते हैं और बिलों का भुगतान कर सकते हैं।
- मोबाइल बैंकिंग: यह एक इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग सिस्टम है, जिसकी मदद से आप मोबाइल फोन के ज़रिए फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। अधिकांश बैंकों ने अपने मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध करा दिए हैं। नेट-बैंकिंग की तरह बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आप मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- ATM: ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) को ई-बैंकिंग के सबसे लोकप्रिय प्रकारों में से एक माना जाता है। ATM के ज़रिए आप पैसे निकाल सकते हैं, जमा कर सकते हैं, डेबिट कार्ड का पिन बदल सकते हैं और अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। एटीएम का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास पासवर्ड होना चाहिए। किसी अन्य बैंक के ATM से ट्रांजैक्शन करने पर अगर फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट पार हो जाती है, तो बैंक द्वारा प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर मामूली शुल्क लिया जाता है।
- डेबिट कार्ड: वर्तमान समय में हर किसी के पास डेबिट कार्ड ज़रूर होता है। ये डेबिट कार्ड आपके बैंक अकाउंट से लिंक होता है। आप इसका इस्तेमाल हर तरह के ट्रांजैक्शन के लिए कर सकते हैं, इसमें हर ट्रांजैक्शन के बाद राशि आपके अकाउंट से डेबिट की जाती है।
- डिपोज़िट और विड्रॉल (डायरेक्ट) : ये सर्विस कस्टमर्स को रोज़ाना अपने अकाउंट में सैलरी अप्रूव करने की सुविधा देती है। इतना ही नहीं इसके अंतर्गत आप बैंक को अपने अकाउंट से बिलों, किसी भी प्रकार की किश्तों, इंश्योरेंस आदि के भुगतान के लिए पैसे काटने का अधिकार दे सकते हैं।
- फोन सिस्टम द्वारा भुगतान: इसके अंतर्गत कस्टमर बैंक से कॉन्टैक्ट कर बिल पेमेंट या किसी अन्य अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने की रिक्ववेस्ट कर सकता है।
- पॉइंट–ऑफ–सेल ट्रांसफर टर्मिनल: इस सर्विस के तहत कस्टमर्स डेबिट / क्रेडिट कार्ड के ज़रिए की गई खरीदारी का तुरंत भुगतान कर सकते हैं।
Mobile banking
मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) को Banks के द्वारा अपने ग्राहकों को प्रदान की जाने वाली सुविधा के रूप में समझा जा सकता है, जिसमें की सभी ग्राहक अपने बैंक अकाउंट तक पहुंच सकते हैं और SmartPhone, Tablets या Cellular Devices जैसे Mobile Telecommunication Equipment का प्रयोग करके कहीं से भी मौद्रिक हस्तांतरण कर सकते हैं। यह Short Message Services जिसे हम SMS के नाम से भी जानते हैं, Mobile Web या App के माध्यम से हो सकता है। कोई भी ग्राहक कभी भी और कहीं से भी इस सेवा का लाभ ले सकता हैं।
मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) के माध्यम से होने वाले लेन देन में विभिन्न बिलों का भुगतान, ATM का पता लगाना, धन का हस्तांतरण करना, अकाउंट की स्थिति जानना, धन हस्तांतरण की सूची प्राप्त करना शामिल है। इस सब के अतिरिक्त, Mobile Banking आपको आपके अकाउंट की सभी गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रदान करता है, जैसे की रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सूचना या फिर नोटिफिकेशन भेजकर ग्राहक को सचेत करना।
इंटरनेट बैंकिंग किसे कहते हैं
Internet Banking को एक बैंकिंग प्रणाली के रूप में समझा जा सकता है, जिसमें Internet की मदद से वित्तीय लेन देन किए जाते हैं। यह एक तरह से परंपरागत बैंकिंग प्रणाली के युग में एक क्रांति की तरह है, जिसमें ग्राहक को एक सरल से वित्तीय लेन देन के लिए बैंक की शाखा में जाने की भी आवश्यकता नहीं होती है।
सरल शब्दों में Internet Banking एक Electronic भुगतान प्रणाली है, जो बैंक के खाता धारक को बैंक की Website का प्रयोग करके किसी भी समय और स्थान पर भुगतान की या वित्तिय हस्तांतरण या अकॉउंट में जमा धन की जानकारी और सुविधा देता है। यह Core Banking प्रणाली का ही एक तरीका है।
नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग में क्या अंतर हैं !!
# नेट बैंकिंग के लिए बैंक की वेबसाइट बनाई गयी हैं जिनका प्रयोग कर नेट बैंकिंग की सुविधा उठा सकते हैं लेकिन मोबाइल बैंकिंग के लिए एप की सुविधा होती है जिसे फ़ोन या टेबलेट में ही खोला जा सकता है.
# नेट बैंकिंग को आप ब्राउज़र के जरिये करते हैं जबकि मोबाइल बैंकिंग एप के जरिये पूर्ण होती है
नेट बैंकिंग में अभी ज्यादा सुविधाएँ मौजूद नहीं है जैसे कि बिजली का बिल भरना, पानी का बिल, मोबाइल रिचार्ज आदि जबकि मोबाइल बैंकिंग ये सुविधा अब आ गयी है.
# नेट बैंकिंग के लिए सभी बैंकों वेबसाइट बनवाई हैं जिन्हे लॉगिन कर के नेट बैंकिंग की सुविधा ली जा सकती है जबकि मोबाइल बैंकिंग में आपको मोबाइल एप इंसटाल करना होता है जिसके जरिये आप ट्रांजक्शन करते हैं.
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