स्वास्थ्य कार्यक्रम

स्वास्थ्य कार्यक्रम
सरकार ने देश की ग्रामीण आबादी के लिये स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच में सुधार के लिये कई पहलों की शुरुआत की है, जैसे ‘आयुष्मान भारत’ योजना, जिसका उद्देश्य 500 मिलियन से अधिक लोगों को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना है।
हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली अभी भी कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें अपर्याप्त वित्तपोषण, स्वास्थ्य कर्मियों की कमी और अपर्याप्त आधारभूत संरचना शामिल हैं।
यह महत्त्वपूर्ण है कि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए और सरकारी एवं निजी क्षेत्र दोनों ही इन चुनौतियों को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित करें ताकि भारत के नागरिकों की अच्छी स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच सुनिश्चित हो सके।
भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की क्षमता
भारत का प्रतिस्पर्द्धात्मक लाभ इसमें निहित है कि इसके पास सुप्रशिक्षित चिकित्सा पेशेवरों का एक विशाल समूह मौजूद है।
भारत एशिया और पश्चिम के समकक्ष देशों की तुलना में लागत प्रतिस्पर्द्धी भी है। भारत में सर्जरी की लागत अमेरिका या पश्चिमी यूरोप की तुलना में लगभग दसवें भाग तक कम है।
एक बड़ी आबादी, एक सुदृढ़ फार्मा क्षेत्र एवं चिकित्सा आपूर्ति शृंखला, 750 मिलियन से अधिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता, वेंचर कैपिटल फंड तक आसान पहुँच के साथ विश्व स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप पूल तथा वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल समस्याओं के समाधान पर केंद्रित नवोन्मेषी टेक उद्यमियों के साथ भारत के पास वे सभी आवश्यक घटक मौजूद हैं जो इस क्षेत्र की घातीय वृद्धि में योगदान कर सकते हैं।
उत्पाद विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिये भारत में चिकित्सा उपकरणों की तीव्रता से क्लिनिकल टेस्टिंग के लिये लगभग 50 क्लस्टर स्थापित होंगे।
वर्ष 2021 तक की स्थिति के अनुसार, भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र भारत के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक था जिसने कुल 4.7 मिलियन लोगों को रोज़गार प्रदान करता है। इस क्षेत्र ने वर्ष 2017-22 के मध्य भारत में 2.7 मिलियन अतिरिक्त नौकरियाँ (प्रति वर्ष 500,000 से अधिक नई नौकरियाँ) सृजित की।

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