बजट के प्रकार
बजट के प्रकार (Type of Budget)
सामान्यतया सालाना बजट वित्त मंत्रालयों मे उनके बाटे गये विभाग द्वारा बनाये जाते है. जिसकी अंतिम मंजूरी राष्ट्रपति द्वारा दी जाती है जोकि, केन्द्र व राज्य सरकार दोनों के सम्बन्ध मे होती है. रेल बजट,रेल मंत्रालय द्वारा अलग से तैयार किया जाता है.
बजट आय एवं व्यय के ब्यौरे पर आधारित होता है। इसलिए हम यदि बजट के प्रकारों को समझें तो आय और व्यय में संतुलन के आधार पर बजट को निम्नलिखित 2 भागों में बांट सकते हैं-
(1) संतुलित बजट (Balanced Budget)
(2) असंतुलित बजट ( Unbalanced budget)
(1) संतुलित बजट | संतुलित बजट किसे कहते हैं? | Balanced budget in hindi
ऐसा बजट जिसमें अनुमानित आय (आगम) और व्ययों की राशि समान रूप से दिखाई जाती है उसे संतुलित बजट कहा जाता है। वास्तव में यह एक आदर्श व्यवस्था मानी जा सकती है। क्योंकि डाल्टन के अनुसार, संतुलित बजट में किसी एक समयावधि में आगम, व्यय से कम नहीं होते। संतुलित बजट में किसी प्रकार का घाटा या आधिक्य भी नहीं होता।
वास्तव में ऐसी अवस्था सामान्य व्यवहार में दिख पाना असंभव है। वर्तमान समय में सरकार, चाहते हुए भी संतुलित बजटों को नहीं बना सकती। इसका कारण यह है कि सार्वजनिक व्ययों में वृद्धि, आगम की अपेक्षा अधिक होती है। इसीलिए व्यवहार में बजट को संतुलित रख पाना कठिन होता है। अतः हम कह सकते हैं कि संतुलित बजट एक सैद्धांतिक विचार है। सैद्धांतिक विचार है।
(2) असंतुलित बजट | असंतुलित बजट किसे कहते हैं? | Unbalanced budget in hindi
जब बजट में अनुमानित आगम तथा व्यय में समानता का अभाव हो। अर्थात ऐसा बजट Budget जिसमें सरकार की आगम और व्ययों में समानता नहीं होती। असंतुलित बजट कहलाता है।
असंतुलित बजट दो प्रकार का होता है-
(अ)घाटे का बजट(Deficit budget)
(ब) आधिक्य का बजट (surplus budget)
(अ) घाटे का बजट (Deficit Budget in hindi)-
जब बजट में अनुमानित आगम की तुलना में व्यय अधिक दर्शाए जाते हैं तो उसे घाटे का बजट कहा जाता है। इस घाटे को पूरा करने के लिए सरकार या तो जनता से उधार लेती है या संचित कोषों का प्रयोगघाटे का बजट में करती है। इस प्रकार का घाटे का बजट सरकार की जिम्मेदारियों को बढ़ा देता है या उसके कोष में कमी कर देता है। साधारणतया मंदी को दूर करने के लिये घाटे का बजट बनाने की नीति बनाई जाती है।
(ब) आधिक्य का बजट (Surplus Budget in hindi)-
चलिये अब जानते हैं कि आधिक्य का बजट किसे कहते है? जब बजट में अनुमानित आगमों की तुलना में कम व्यय दर्शाये जाते हैं। तो इसे आधिक्य का बजट कहा जाता है। आधिक्य के बजट में सरकारी ऋणों में कमी हो जाती है। अथवा सरकार के संचित कोष बढ़ जाते हैं। इस प्रकार आधिक्य का बजट लागू होने से सरकार का दायित्व कम हो जाता है। आधिक्य के बजट की नीति का समर्थन तब किया जाता है जब अर्थव्यवस्था में अतिस्फीति की दशा बन जाती है।
(3) सामान्य बजट (Ordinary budget)-
ऐसे बजट जिनका निर्माण वार्षिक आधार पर सामान्य परिस्थितियों में किया जाता है। सामान्य बजट कहलाते हैं।
(4) पूंजीगत बजट (Capital budget)-
पूँजीगत बजट के अंतर्गत केवल पूँजीगत मदें ही शामिल की जाती हैं। इस बजट को सामान्य बजटों से बिल्कुल अलग रखा जाता है। इस बजट में व्यय की गई मदों को सार्वजनिक ऋणों के द्वारा पूरा किया जाता है।
5) अंतरिम बजट (Interim Budget) | अंतरिम बजट किसे कहते हैं?
उत्तर- किसी विशेष परिस्थिति में सरकार जब पूरे वर्ष के लिए आय और व्यय के अनुमान तैयार करने में असमर्थ होती है। टैब वर्ष के कुछ महीनों हेतु आवश्यक आर्थिक व्यवस्था बनाये रखने के लिए ये व व्यय के विशिष्ट प्रावधान किये जाते हैं। जिसे अंतरिम बजट कहा जाता है।
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